Friday, June 18, 2010
Categorized | फिल्मी फंडा
सतयुग के रावण की कलयुगी कहानी !
6:53 PM
आज के समय में रावण अगर पैदा होता तो वो कैसा होता, शायद रावण फिल्म के जैसा तो नहीं होता। वैसे रावण फिल्म थोड़ी लीक से हटकर कहानी है, फिल्म में गजब की लोकेशन और घने जंगलों के बीच दिल दहलाते ऐक्शन सीन हैं। फिल्म की कई ऐसी खासियतें है जो आम बॉलिवुड फिल्मों में नजर नहीं आतीं। साउथ के डायरेक्टर मणिरत्नम की फिल्में रोजा , बॉम्बे , युवा , गुरु जैसी उनकी फिल्में आज भी सिने प्रेमियों के जहन में ताजा है। करीब दो साल पहले जब इस फिल्म को बनाने की कवायद शुरू हुई तभी से मीडिया में फिल्म को रामायण से प्रभावित बताने की मुहिम चल निकली। अब जब फिल्म दर्शकों के सामने है तो इससे प्रभावित दर्शक थिएटर पहुंचकर फिल्म देखकर खुद को ठगा ठगा महसूस करता है। ये कहानी एक गांव में अपने दो भाइयों और इकलौती बहन के साथ गुस्सैल बीरा ( अभिषेक बच्चन ) जिंदगी गुजार रहा है। कबीले में बीरा का पूरा दबदबा है हर कोई उसकी एक आवाज पर जान देने को तैयार रहता है। दरअसल , बीरा कबीले की खातिर किसी से भी टकराने को तैयार रहता है। बीरा के लिए सब कुछ उसकी बहन है। बीरा को जब पता लगता है कि बहन किसी से प्यार करती है तो झट उसकी शादी कराने के लिए राजी हो जाता है। शादी के मंडप में एसपी देव ( विक्रम ) अपने दलबदल के साथ अटैक करता है और पुलिस की गोलाबारी के बीच दूल्हा मंडप छोड़कर भाग जाता है और पुलिस बीरा की बहन को थाने ले जाती है। थाने में सामूहिक बलात्कार के बाद बीरा की बहन आत्महत्या कर लेती है। दूसरी और बीरा अपने साथियों के साथ जंगल में डेरा डाले एसपी की खूबसूरत पत्नी रागिनी ( ऐश्वर्या राय ) को उठाकर ले जाता है। कबीले के सभी लोग रागिनी को जान से मारने के लिए कहते हैं , लेकिन बीरा 14 दिन बाद रागिनी को मारने का फैसला करते है। इन्हीं 14 दिनों की कहानी है रावण। जहां रागिनी का पति देव उसे बीरा की कैद से छुटकारा दिलाने के लिए पूरी टीम के साथ जंगल की खाक छान रहा है। दूसरी ओर बीरा का अतीत जानकर रागिनी उससे हमदर्दी करने लगती है। इस फिल्म में मणिरत्नम पिछली फिल्मों जैसा जादू नहीं चला पाए। इंटरवल से पहले का समय उन्हें पात्रों का परिचय देने में लग गया। वहीं कहानी के अहम पात्रों को रामायण के साथ जोड़ना भी गलत रहा। हां , अपनी इमेज की तर्ज पर मणि की इस फिल्म में बैकग्राउंड म्यूजिक और गजब लोकेशन में मणि छा गए। फिल्म के कुछ गाने पहले से म्यूजिक चार्ट के टॉप टेन में शामिल है। लेकिन ए . आर रहमान और गुलजार की जोड़ी ने अपनी पिछली फिल्मों में जो संगीत का जादू चलाया वह यहां नदारद है। हां , मणि ने गानों को बड़ी मेहनत और ऐसी रमणीक लोकेशन पर शूट किया है कि दर्शक गानों से बंधे रहते हैं। फिल्म रावण का सबको बेसब्री से इंतजार था, लंदन में शानदार प्रीमियर में जुटे लोगों का तो यही कहना था कि इससे बेहतर कुछ नहीं। फिल्म समीक्षकों के गले से फिल्म नहीं उतरी। दर्शक इसे कितने पंसद करते हैं ये देखने वाली बात होगी।
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2 Responses to “सतयुग के रावण की कलयुगी कहानी !”
June 18, 2010 at 10:51 PM
I could have predicted the bad luck of the movie. People do not like watching films that are made to sarisfy the urge of creativity. One needs to maintain the right balance of commercialism, creativity and art to create a blockbuster movie. Ramu failed in Naach when he tried to teach people, Rakeysh failed in Delhi- 6 and now, this is Mr Mani.
C'mon guys dont u think, we are junta, the public jo sab jaanti hai.
June 29, 2010 at 7:22 AM
मणिरत्नम गुरु के बाद रावन को ले हाज़िर है पर इस बार वो गुरु जैसा जादू नहीं चला पाए और रावन को जिस तरह का ट्रीटमेंट चाहिए था वो नहीं दे पाए. जहा बीरा(अभिषेक) से जिस तरह के अभिनय की आस थी वो नहीं दे पाए जबकि देव बने विक्रम ने बीरा को पीछे छोड़ दिया तो ऐश ने इस बार फिर से दमदार अभिनय किया. फिल्म धीमी है और पकड़ खोती नज़र आती है. मै तो यही कहूँगा की चूक गए मणि साहेब इस बार.
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