Monday, June 21, 2010

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'फादर्स डे' की सौवीं सालगिरह

8:14 AM


2010 में फादर्स डे अपनी 100वीं सालगिरह मना रहा है। इसके जन्मस्थान स्पोकन में महीने भर उत्सव मनाया जा रहा है। फादर्स डे पर कोई भी बेटा अपने पिता को उपहार देकर इस दिन को यादगार बनाना चाहेगा। पिता को सम्मान देने के लिए बनाया गए फादर्स डे का इतिहास भी कम रोचक नहीं है। अमेरिका के वॉशिंगटन में रहने वाली सोनोरा स्मार्ट डोड ने 1909 में स्पोकेन के सेंट्रल मेथोडिस्ट एपिस्कोपल चर्च में मदर्स डे के बारे में सुना तो उन्हे पिता के लिए भी ऐसा ही दिनो होने की जरूरत महसूस होने लगी। सोनोरा के पिता विलियम स्मार्ड ने अपनी पत्नी के गुजरने के बाद पूरे परिवार की देखभाल की थी। सोनोरा इसके लिए उनको दिल से धन्यवाद देना चाहती थी। लिहाजा पहली बार 1910 में जून के तीसरे रविवार को पहली बार फादर्स डे मनाया गया। फादर्स डे को अधिकारिक छुट्टी का दिन बनाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। चर्च और लोगों का समर्थन मिलने का बावजूद कैलेंडर से इस दिन के गायब हो जाने का खतरा पैदा होने लगा था। एक ओर जहां मदर्स डे पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता था। वहीं फादर्स डे केवल चुटकुलों में जगह पा रहा था। एक स्थानीय अखबार स्पोक्समैन में फादर्स डे पर चुटकुले प्रकाशित हुए.। 1913 में अमेरिकी कांग्रेस में इसे राष्ट्रीय स्तर पर त्यौहार के रूप में मनाने के लिए पहली बार बिल पेश किया गया। राष्ट्रपति विलसन इसे आधिकारिक दर्जा देना चाहते थे। लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया। उन्हे इस बात से डर सथा कि कहीं इस डे का व्यवसायीकरण न हो जाए।अमेरिका में कई बार इस बिल को पेश किया गया लेकिन हर बार नामंजूर हो गया। 1957 में सीनेटर मार्गेट स्मिथ ने कांग्रेस को एक खत लिखा और कहा 40 सालों से मां को सम्मानित किया जा रहा है। पिता को क्यूं नजर अंदाज किया जा रहा है। 1966 में राष्ट्रपति लिंडन जोनसन ने पहली बार जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाने की पहली सरकारी घोषणा की। 6 साल बाद आखिरकार फादर्स डे अमेरिका में छुट्टी का दिन बन गया। राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने इस संबंध में एक कानून पर हस्ताक्षर किए इस तरह फादर्स डे को यहां पहुंचने पर बड़ा संघर्ष करना पड़ा। लेकिन अब ये दिन दुनियाभर में मनाया जाता है।

2 Responses to “'फादर्स डे' की सौवीं सालगिरह”

निर्मला कपिला said...
June 21, 2010 at 8:26 PM

दिलचस्प और अच्छी जानकारी। धन्यवाद्


आचार्य उदय said...
June 21, 2010 at 8:45 PM

sundar .