Sunday, January 25, 2009

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प्रधानमंत्री का 'दिल' बीमार

2:42 AM

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की देश के सबसे बड़े स्वाथ्य संस्थान एम्स में बाइपास सर्जरी हो चुकी है, अब वह 7 से 8 दिन तक इसी संस्थान के मेहमान बनकर रहेंगे। इससे पहले भी कई प्रधानमंत्रियों को अपने कार्यकाल के दौरान दिल की बीमारी या दूसरे कारणों से अस्पताल जाना पड़ा। साल 1964 में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने दिल की बीमारी के कारण भुवनेश्वर में कांग्रेस सेशन देरी से ज्वाइन किया। साल 1964 में प्रधानमंत्री बनते ही लाल बहादुर शास्त्री को दिल का दौरा पड़ा। और डॉक्टरों ने उनको आराम करने की सलाह दी । जिसके कारण उन्हें लंदन में कॉमनवेल्थ प्राइम मिनिस्टर कांफ्रेंस में अपना दौरा रद्द करना पड़ा। साल 1991 में प्रधानमंत्री बनने से पहले नरसिंहाराव की यूएस में बाइपास सर्जरी कराई गई। लेकिन साल 2004 में दिल की बिमारी के कारण उनकी मौत हो गई। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को साल 2000 के नवंबर महीने में मुंबई के ब्रिच कैंडी हॉस्पीटल में भर्ती करना पड़ा। जहां उनके घुटने का सफल ऑपरेशन किया गया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बाईपास सर्जरी के ऑपरेशन के चलते एम्स और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। इस सर्जरी के कारण प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 26 जनवरी को होनेवाले रिपब्लिक डे परेड में शामिल नहीं हो पाएंगे। पीएम का ऑपरेशन 11 डॉक्टरों की टीम कर रही थी। जिसमें मुंबई और एम्स के डॉक्टर शामिल किए गए । पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की खराब तबीयत सरकार के लिए चिंता का सबब रही है। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री जांच के लिए एम्स में दाखिल हुए थे। जांच के बाद डाक्टरों ने उनके दिल की पुरानी बीमारी पर गौर किया। और अब उन्होने एक बार फिर प्रधानमंत्री के हार्ट की बाइपास सर्जरी करने का फैसला किया 1990 में भी डा मनमोहन सिंह की बाई पास सर्जरी हो चुकी । इस बाईपास सर्जरी में एशियन हार्ट इंस्टीटीयूट मुंबई के डा पांडया और उनकी टीम भी मौजूद थे। जो एम्स के डाक्टरों को सहयोग कर रहे थे। एम्स के डाक्टरों के मुताबिक प्रधानमंत्री के दिल में तीन ब्लॉकेज थे और इसे हटाने के लिए तकरीबन 11 घंटे आपरेशन चला, जाहिर है बाईपास सर्जरी के बाद... प्रधानमंत्री जल्दी अपने कामकाज पर नहीं लौट सकेंगे। यानि साफ है कि प्रधानमंत्री गणतंत्र दिवस समारोह और 29 जनवरी के बीटिंग ऑफ रिट्रीट में, शामिल नहीं हो पायेंगे और ना ही फरवरी तक अपना कामकाज संभाल पायेंगे । प्रधानमंत्री की लंबी गैरमौजूदगी को देखते हुए, इस दौरान विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी प्रधानमंत्री का कामकाज संभालेंगे। कांग्रेस पार्टी के अलवा दूसरे दलों ने भी प्रधानमंत्री के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी उनके जल्दी स्वस्थ होने की प्रार्थना की। बहरहाल ,एम्स के डाक्टरों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सर्जरी के बाद ५ से हफ्तों में बिलकुल ठीक होने की उम्मीद जताई है। हम सभी देश वासी भी प्रधानमंत्री के जल्दी ही स्वस्थ होने और देश का एक अच्छा भविष्य तैयार करने में की कामना करते है।

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