Tuesday, July 28, 2009

Categorized |

'अरिहंत' व्हाट नेक्स्ट

12:54 PM

आईएनएस अरिहंत जी हां यही नाम है भारत की उस नई ताकत का जिसने समुद्री में हमारी ताकत को एक नयी शक्ति से नवाजा है। देसी इंजीनियरिंग का यह कमाल वाकई अद्भुत है।भारत की पहली परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत एक पनडुब्बी ही नहीं ये एक ऐसी ताकत है जिसके बल पर भारत समुद्र का राजा बन गया है । कोई दुश्मन देश समुद्री सीमा में घुसने तो क्या देखने की हिम्मत भी नहीं जुटा सकेगी। भारत में ही बनी ये पनडुब्बी अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। जो न केवल समंदर की प्रहरी होगी । बल्कि नौसेना के बेड़े में शामिल अरिहंत समंदर की सेनापति भी होगी । आईएनएस अरिहंत से देश ने कुछ ऐसी ही उम्मीदें बांध रखीं हैं। अत्याधुनिक तकनीक से बनी अरिहंत परंपरागत पनडुब्बियों के मुकाबले ज्यादा ताकतवर है। आईएनएस अरिहंत को समंदर की सतह पर बैटरियों को चार्ज करने के लिए भी नहीं आना पड़ेगा। यानि ये पनडुब्बी लगातार समंदर में रह सकती है। इतना ही नहीं अरिहंत से मिसाइलें भी दागी जा सकती है । इसके लिए आईएनएस को देश की बहतरीन मिसाईलों से लैस किया जाएगा। जिसमें सागरिका मिसाइल के अलावा इसे अग्नि तीन से भी लैस किया जा सकता है। आईएनएस अरिंहत का वजन तकरीबन 6 हजार टन है 104 मीटर लंबी इस पनडुब्बी में एक साथ करीब सौ लोग रह सकते हैं एक बार समुंदर में उतरने के बाद अरिहंत अपने इम्तिहान के कड़े दौर से गुजरेगी । परिक्षण के दौरान आईएनएस अरिहंत को खुद को साबित करना होगा। क्योंकि इस पनडुब्बी की कामयाबी स्वदेशी तकनीकी के लिए नए रास्ते खोलेगी ।

0 Responses to “'अरिहंत' व्हाट नेक्स्ट”