Friday, July 23, 2010
Categorized | खेल
!!! मुरली तुम्हें सलाम !!!
12:44 PM
श्रीलंका के ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बन गए इसी के साथ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। भारत के साथ अंतिम टेस्ट मैच खेल रहे मुरली ने दुनियाभर के बल्लेबाजों के लिए सिरदर्द बने रहे। अपने आखिरी टेस्ट में दुनिया की नंबर एक टीम भारत को धूल चटाकर श्रीलंका को मैच जिताया।
श्रीलंका में कैंडी के पास एक छोटे से गांव नरटमपोथा में 17 अप्रैल 1972 को जन्में मुरलीधरन का 17 साल लंबा क्रिकेट करियर उनको एक महान गेंदबाज की श्रेणी में खड़ा करता है। मुरलीधरन की घूमती गेंदो से दुनिया के कई बल्लेबाज में खौफ खाते थे। अब वे शुक्र मना रहे हैं कि मुरली का सामना नहीं करना पड़ेगा। 28 अगस्त 1992 को ऑस्ट्रेलिया के साथ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद मुरली की गेंदों ने ऐसी धुन बजाई जिसका आंकड़ा आज पूरी दुनिया के सामने हैं। मुरलीधरन ने ग्लेन मैक्ग्रा, कर्टनी वॉल्श, वसीम अकरम और शेन वॉर्न जैसे शूरमाओं के रिकॉर्ड्स को ध्वस्त किया।
800 विकेट का कीर्तिमान बनाने से पहले मुरलीधरन की क्रिकेट लाइफ में कई दिक्कतें आईं। उन पर चकिंग के आरोप लगे, वे चोटों से परेशान रहे। लेकिन आईसीसी का बायोमेकेनिकल टेस्ट पास करने के बाद मुरली के खिलाफ उठने वाली आवाजें बंद हो गईं। मुरलीधरन ने अपनी एक कलात्मक तरीके से फेंकी जाने वाली गेंद ‘दूसरा’ का बल्लेबाजों पर खूब प्रयोग किया। गेंदबाजी के प्रत्येक डिपार्टमेंट में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। मुरलीधरन की करिश्माई गेंदबाजी ने उन्हें एक कामयाब क्रिकेटर बनाया। स्वभाव शांत मुरलीधरन मैदान पर विपक्षी टीम के लिए किसी कयामत से कम नहीं थे। मुरलीधरन भारत में आईपीएल की चेन्नई टीम से खेलते हैं। इग्लैंड में लैंकशायर काउंटी में कई साल तक क्रिकेट खेला।
1996 में विश्वकप जीतने वाली श्रीलंकाई टीम में मुरलीधरन टीम का एक अहम हिस्सा थे। श्रीलंका को विदेशों में कई सीरीज अपने दम पर जिताने वाले इस गेंदबाज ने 21 मार्च 2005 को एक भारतीय मधिमलार राममूर्ति को अपनी जीवन संगिनी बनाया। स्पिन के इस जादूगर को हम सबका क्रिकेट प्रेमियो का सलाम। टेस्ट क्रिकेट में मुरली जैसी विदाई दुनिया के किसी भी गेंदबाज के लिए एक सपना सरीखा होगा। लेकिन अब ये सवाल पैदा होता है मुरलीधरन का रिकॉर्ड कौन तोड़ेगा।
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